यही तो है बापू का हिन्दुस्तान ➡️मंदिर में नमाज के लिए जगह दिया मंदिर कमिटी ने।

वजीह अहमद तसौवुर ✍️

कोई पूजे पत्थर को, कोई सजदे में अपना सर झुकाते हैं🕌🏰

ये एक ही है बस कुछ इसे पूजा, तो कुछ इसे अपना ईमान कहते हैं 🌍☪️🕉️✝️
दिल्ली से 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यूपी का बुलंदशहर. पूर्व दिशा में गंगा और पश्चिम में यमुना इसकी सीमा निर्धारित करती हैं. गंगा-यमुना की गोद में बसे बुलंदशहर के एक गांव दरियापुर-अढौली में शनिवार से अगले तीन दिन तक तब्लीगी इज्तमा का आयोजन किया गया . इस इज्तमा में करीब 25 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है. इज्तमा में शामिल होने के लिए दूर-दराज से लोग आ रहे थे .

रूड़की के रहने वाले सनव्वर आमीन भी जा रहे थे. सनव्वर जेनपुर गांव के पास पहुंचे थे कि भयानक जाम में फंस गए. सनव्वर के नमाज का समय हो रहा था. लेकिन न तो जाम खत्म होने का नाम ले रही थी और न ही उनके पास पानी का कोई इंतजाम था. सड़क के पास में ही शिव मंदिर था. सनव्वर अपने साथियों के साथ मंदिर में गए. शिव मंदिर की इंतजामिया कमेटी ने उन्हें पानी मुहैया कराया. सनव्वर और उनके साथियों ने नमाज पढ़ा और शिव मंदिर के इंतजामिया कमेटी का शुक्रिया अदा किया. इस पूरे वाकये को जैसे ही उन्होंने फेसबुक पर शेयर किया यह वायरल हो गया. वायरल होना भी चाहिए क्योंकि सोशल मीडिया को कुछ लोगों ने नफरत फैलाने का हथियार बना दिया है। लेकिन भारत में आज भी ऐसे उदाहरण प्रत्येक दिन मिलते रहते हैं जैसी शायद दुनिया में और कहीं न मिले।
उनका जो काम है वह अहले सियासत जाने,
मेरा पैगाम ए मोहब्बत है जहां तक पहुंचे।
🏰🕌
मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान,
अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान।

दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि,
मजहब बीच में न आये कभी,
तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो ,
वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।

तुम राम कहो, वो रहीम कहें,
दोनों की ग़रज़ अल्लाह से है।
तुम दीन कहो, वो धर्म कहें,
मंशा तो उसी की राह से है।

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