भारत मिट्टी का नाम नहीं संविधान का नाम है… अख्तरूल ईमान

मजलिस के प्रदेश अध्यक्ष अखतरूल ईमान धरने को संबोधित करते हुए….
तसौवुर के कलम से ✍️
सिमरीबख्तियारपुर के रानीबाग में सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरुद्ध चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना के 25 वें दिन मजलिस इत्तेहादुल मुस्लमीन के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक श्री अखतरूल ईमान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुलामी किसी के मिट्टी पर नाजायज कब्जे का नाम नहीं है बल्कि गुलामी किसी के रूह पर नाजायज कब्जे का नाम है भारत की मिट्टी से जो हम सब का प्रेम है वह आधा अधूरा है क्योंकि भारत  मिट्टी का नाम भारत नहीं है बल्कि  सं‍विधान का नाम भारत है, भारत में रहने वाले भारत के जन जन का नाम भारत है क्योंकि अगर मिट्टी का नाम भारत होता तो इस मिट्टी के टुकड़े कर जिन पागलों ने पाकिस्तान और बांग्लादेश बना दिया था वह भी भारत कहलाता बंग्लादेश और पाकिस्तान नहीं कहलाता इसलिए भारत मिट्टी का नाम नहीं भारत के संविधान का नाम है जिस पर आज हमला हो रहा है। देश उसी वक्त देश है जब उसका संविधान बाकी है क्योंकि किसी भी देश की आत्मा संविधान होता है और आज उसी आत्मा पर हमला हुआ है जिसके लिए हमारी मां बहनें जाति धर्म से ऊपर उठकर सड़कों पर बैठी हैं। उन्होंने एनआरसी के संबंध में कहा कि जिनको यह लगता है कि एनआरसी मुसलमानों के लिए है तो वह आसाम में जा कर देख लें जहां 19 लाख में 14 लाख हिंदू दलित भाई ही हैं और अगर एक तरफ सैना में अपनी बहादुरी देखाने वाले अगर सना उल्लाह का नाम एनआरसी लिस्ट से गायब था तो सैना का जवान भाग्य बहादुर का नाम भी उस लिस्ट से गायब है। इसलिए यह लडाई उनकी भी है जो आज भाजपा के नारे लगा रहे हैं।
अखतरूल ईमान ने कहा कि जब से मोदी जी गद्दी पर बैठे हैं देश के विकास की गाड़ी रूक गई है, 15 लाख देने वाले 15 पैसे नहीं दे सके, 450 रुपये गैस सिलेंडर का किमत 900 रुपये हो गया, काला धन तो वापस नहीं ला सके गुजरात के ठगों की मदद से सफेद धन जरूर बाहर चला गया, करोड़ों को नौकरी देने का वादा करने वाले लाखों का नौकरी छीनने का काम किया। उन्होंने  देश की खातिर हिन्दू मुस्लिम एकता को आंच नहीं आने देने का लोगों से आव्हान करते हुए कहा कि  अपने संविधान को बचाने के लिए जब तक यह काला कानून वापस नहीं हो जाता है तब तक धरने पर बैठने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंंत्र भारत के इतिहास में पहला आतंकवादी गोडसे था जिसने गांधी जी को गोली मार कर बापू को छीन लिया।
आदिल हुसैन आजाद सभा को संबोधित करते हुए
    इस अवसर पर अपने संबोधन में पार्टी के युवा अध्यक्ष श्री आदिल हुसैन आजाद ने कहा कि भाजपा वाले शायद भूल गए हैं कि सरदार पटेल ने आर एस एस को चिट्ठी लिखी थी कि संविधान भी मानना पड़ेगा और तिरंगा भी मानना पड़ेगा। हमारे पूर्वजों ने 1947 में मोहम्मद अली जिन्ना को ठुकरा दिया था और भारत को चुन लिया था। आज रिपोर्ट आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा पर 1 करोड़ 62 लाख रूपया प्रतिदिन खर्च हो रहा है आम जनता की बात करने वाले प्रधानमंत्री को जनता की कितनी चिंता है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। 11223 रूपया प्रति सेकेंड अपने सुरक्षा पर खर्च करने वाले प्रधानमंत्री जी गरीबों का क्या भला कर पायेंगे ? उन्होंने विपक्षी दलों से सीएए और एनआरसी पर खुल कर सामने आने की मांग करते हुए कहा कि सजी सजाई स्टेज पर भाषण देने से काम नहीं चलेगा सभी विपक्षी पार्टियों को खुल कर मैदान में आना होगा अपना झंडा बैनर लगाना पडेगा और अपने अपने घरों में भी शाहीन बाग बनाना पड़ेगा।
  इजहार हाशमी ने कहा कि उन्होंने इस काले कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में भारत सरकार के खिलाफ केस दर्ज किया है अब आप सब इसके लिए दुआ भी दिजीए और भरोसा दिलाया कि वह अपने कदम किसी हाल में पीछे नहीं हटाएंगे देश के संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई आंच नहीं आने देंगे। इस अवसर पर अररिया जिला मजलिस के अध्यक्ष राशीद आलम ने कहा कि आम लोगों को उनके बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस  कानून को लाया गया है मगर भारत की बेटियों ने मोर्चा संभाल कर इतिहास रच दिया है।
   संविधान बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक छतरी यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन पुनपुन यादव और शाहनवाज़ बद्र ने किया जबकि इस अवसर पर छात्र नेता अबुल फराह शाजली, मनोज कुमार बोद्ध, सुरेंद्र यादव, मुमताज रहमानी, मोजाहिरूल हक, नोमान खां, चांद मंजर इमाम, अकील अहमद, फिरोज आलम, मनौवर आलम, हाफिज फिरोज, शफाउल हक, हाफिज साद उददीन, मिनहाज आलम, शमशाद आलम, शाहिद मुस्तफा, अफजल, तहसीन, मोदससीर, यासिर आदि शामिल थे।
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