भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर रावण 25 को आएंगे रानीबाग

धरना में होंगे शामिल

तसौवुर के कलम से ✍️
रानीबाग धरना के 5 4 वें दिन भीम आर्मी के बिहार प्रभारी श्री मनोज कुमार भारती ने संबोधित करते हुए मुसलमानों से सी एए, एनआरसी और एनपीआर क्या है इसके बारे में दलितों और ओबीसी को जागरूक करने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि हमें यह बताना होगा कि सी एए कैसे उनको प्रभावित करेगा कैसे उनको हानि पहुंचायेगा। दलित भाई  के शैक्षिक और आर्थिक कमजोरी और वर्षों से उनके साथ होने वाले भेदभाव ने उनकी सोच को कमजोर कर दिया है इसलिए ये जिम्मेदारी अल्पसंख्यक भाईयों की बनती है कि वह अपने दलित, ओबीसी के भाईयों को जागरूक करने का काम करें क्योंकि यह जो सीएए, एनपीआर और एनआरसी का कानून है इससे सबसे ज्यादा कोई प्रभावित होगा तो वह दलित और ओबीसी ही है क्योंकि यही वह समाज है जिसके अधिकतर लोगों के पास जमीन नहीं है, शिक्षा की कमी है तो फिर कागजात कहां से लायेंगे। लेकिन अफसोस की इस समाज को हिन्दुत्व का चश्मा पहना दिया गया है और हमारे समाज के लोग समझते हैं ये कानून तो मुसलमानों के लिए है। आपको समझना होगा कि इस कानून के पीछे का मकसद क्या है?  असल खेल 85% जनसंख्या वाले एससी, एसटी, ओबीसी के अधिक से अधिक लोगों को वोट की ताकत से वंचित करना है ताकि देश में 15 % मनुवादी अपनी मनमानी करते रहें और उनको कोई टोकने वाला न हो। ये लोग मुसलमानों को निशाना इसलिए बनाते हैं कि जुल्म कहीं भी होता है मुसलमान बिना डरे पीड़ितों के साथ उठ खड़ा होता है। कभी लालू जी तो कभी मुलायम और कभी मायावती को सत्ता की चाबी पकडाने वाला मुसलमान ही है इस वजह से आज मनुवादीयों के निशाने पर मुसलमान है। जब मनुवादीयों ने बाबा साहब को संसद में जाने से रोकने का पुरा इंतजाम कर लिया था उस वक्त मुस्लिम भाईयों ने ही उनको संसद पहुंचाया और उसके बाद हमारा संविधान बनाने का गौरव बाबा साहब को मिला जिसकी वजह से आज दलित और ओबीसी को बराबरी का हक मिला हुआ है और सरकार यही बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इसलिए घर घर जाकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक जा कर इस कानून के माध्यम से सरकार की मंशा को बताना और लोगों को जागरूक करना आप सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर आजाद रावण आगामी 25 मार्च को रानीबाग धरना में शामिल होने और धरना पर बैठी मां बहनों के हौसले को सलाम करने आ रहे हैं।

आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री छत्री यादव और संचालन सैयद हेलाल अशरफ ने किया जबकि कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में अबुल फराह शाजली, श्री पुनपुन यादव, मौलाना अबरारुल हक, जे एन यू के छात्र डा शमशाद, श्री सुरेंद्र यादव, मो मोकददम, मनोज बौध  आदि शामिल थे जबकि कई महिलाओं और लड़कियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए इन कानूनों को सरकार से वापस लेने की मांग की ।

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