दानिश के हत्यारे को 24 घंटे के अन्दर पुलिस प्रशासन ले हिरासत में- नजरे आलम

दानिश के हत्यारे को 24 घंटे के अन्दर पुलिस प्रशासन ले हिरासत में- नजरे आलम
पचास लाख रूपया मुआवजा एवं दानिश के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराए जिला प्रशासन-बेदारी कारवाँ
दरभंगा-(प्रेस विज्ञप्ति) बिहार में अपराध चरम पर है, सुशासन बाबु के सारे दावे खोखले साबित होते जा रहे हैं, आए दिन हत्या होना बिहार के लिए अब नई बात नहीं है। हांलांकि इस तरह का आरोप तो विपक्ष भी रोज लगाता है, लेकिन अब आंकड़े भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि राज्य सरकार का ये दावा कि शराबबंदी के बाद बिहार में अपराध कम हुआ है गलत साबित होता जा रहा है। लोगों में खौफ और भय का महौल है, लोग अपने घरों से निकलने के बाद खुदको सुरक्षित महसूस नहीं करते। अपराधियों का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। पुलिस प्रशासन का संरक्षण मिलने के कारण दरभंगा, मधुबनी समेत पूरे बिहार में अपराधी तांडव मचाए हुए हैं और लगातार गोली बारी, चाकु से हत्या की घटना को अंजाम में दे रहे हैं, पुलिस मुकदर्शक बनी हुई है। एक घटना खत्म हुआ नहीं दूसरे घटना को अपराधी अंजाम देकर खुलेआम प्रशासन और सरकार को चुनौती दे रहे हैं। सुशासन बाबु बिहार को आपने जंगलराज से निकाला जरूर था लेकिन कुछ वर्षों से ऐसा लगता है कि बिहार में अपराध चरम पर है और पूणः जंगलराज लौट आया है। अब तो बिहार में पुलिस की भेस में आतंकी भेड़िए भी खुब घुमते हैं जिसकी मिसाल बिहार के पूर्वी चम्पारण के चकिया थाना की है जहाँ के दो युवकों को पुलिस ने चकिया थाना से उठाकर सितामढ़ी के डुमरा थाना में थर्ड डिग्री देकर मार दिया था जिसके परिवार का ना तो अबतक मुआवजा मिला और ना ही इंसाफ। ठिक इससे पहले सितामढ़ी में हुए दंगा में जैनुल अंसारी को पुलिस के समक्ष तलवार से काट कर जिंदा जला दिया गया था आजतक उसका परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। कहाँ है सुशासन बाबु का सुशासन। घटना पर काबु पाने की जगह घटना में बढ़ोत्तरी यह साबित करता है कि बिहार में सुशासन फेल हो चुका है। उक्त बातंे आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने प्रेस ब्यान जारी कर कही। श्री आलम ने कहा कि दो दिन पहले बिहार के दरभंगा शहर के अललपट्टी में अपराधियों ने सरेआम एक 21 साल के नौजवान मो0 दानिश को अपने साथियों के साथ मिल कर बाजार में चाकुओं से गोद कर मार डाला। पुलिस अबतक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर पाई है। दरभंगा के सदर डी.एस.पी. किसी काम के नहीं हैं सिर्फ रिश्वतखोरी में लगे पड़े हैं अपराध पर काबु करने की जगह अपराध को बढ़ा देते नजर आ रहे हैं। ऐसे पदाधिकारी से दरभंगा को आजाद कराने की आवश्यकता है। श्री नजरे आलम ने आगे कहा कि अगर पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने और मृतक के साथ इंसाफ करने में असफल रही तो हमारा संगठन आन्दोलन करने पर मजबूर होगा। श्री आलम ने जिला प्रशासन एवं बिहार के मुखिया नीतीश कुमार से मांग करते हुए कहा कि अविलंब 24 घंटे के अन्दर दानिश के हत्यारे की गिरफतारी सुनिश्चित कराए और कठोर से कठोर कानूनी कारवाई कर अंजाम तक पहुँचाए साथ ही परिवार को पचास लाख रूपया मुआवजा एवं सुरक्षा उपलब्ध कराए। श्री आलम ने यह भी कहा कि अगर पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास करेगी तो हमारा संगठन आन्दोलन करेगा और दरभंगा को बंद करने की आवश्यकता पड़ी तो उसके लिए हम दरभंगा को भी बंद कर दानिष के न्याय हेतु आन्दोलन करेंगे।
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