ईसा फाउंडेशन सिमरी बख्तियार पुर में स्कूल और मदरसा स्थापित करने पर विचार करेगी… मौलाना हबीब अहमद

वजीह अहमद तसौवुर के कलम से ✍️
 सिमरी बख्तियार पुर और कोशी का यह इलाका काफी पिछड़ा है और कल यहां 60 गरीब बच्चियों की सामूहिक शादी का जो आयोजन हो रहा है उस में आप लोग सहयोग करें और भविष्य में आपलोगों का सहयोग रहा तो ईसा फाउंडेशन ट्रस्ट 600 या उससे भी अधिक बच्चियों का सामुहिक विवाह संपन्न कराने को तैयार है बल्कि इस क्षेत्र के हर तरफ इस प्रकार का आयोजन हो ताकि कोई गरीब बेटी अपनी गरीबी के कारण पिता के दहलीज पर ही बुढी होने को न मजबूर होना पड़े।
उक्त विचार ईसा फाउंडेशन ट्रस्ट, जामिया फैजानुल कुरान अहमदाबाद गुजरात के चैयरमैन मौलाना हबीब अहमद साहब ने सलखुआ थाना के मोबारकपुर में आयोजित जलसा इसलाहे मोआशरा में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में व्यक्त किया।

कोशी का ये क्षेत्र काफी पिछड़ा है और आज जब हम किशनगंज से सड़क रास्ते यहां तक पहुंचा और रास्ते भर जो नजारा देखने को मिला उससे अंदाजा हो गया कि यह क्षेत्र आज भी विकास के रास्ते में काफी पीछे छुटा हुआ है। ईसा फाउंडेशन ट्रस्ट का बुनियादी मकसद शिक्षण संस्थानों की स्थापना, स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना और गरीब व लाचार लोगों के बच्चियों की शादी विवाह और खाने पीने का व्यवस्था करना है। और इस क्षेत्र के हालात को देखते हुए इस क्षेत्र में एक स्कूल और एक मदरसा की स्थापना की जो मांग की है उस पर वह ट्रस्ट की मिटिंग में चर्चा कर जल्द इस ओर कदम उठायेंगे। साथ ही रमजान में गरीब रोजेदारों को सेहरी अफतारी की सुविधाएं मुहैया करायेंगे ताकि कोई बिना सेहरी अफतारी के रोजा न रहे।

इस अवसर पर मौलाना अनजर आलम मिफ्ताही ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जम कर प्रसंशा किया और इस पिछड़े क्षेत्र पर भी ध्यान देने की मांग की।
 फिदाये मिल्ली ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस जलसे के कार्यक्रम का आरंभ तेलावत ए कलाम पाक से हुआ। सैयद कसीम अशरफ के अध्यक्षता एवं मौलाना अफजल हुसैन नदवी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में हिन्दुस्तान के मशहूर व मारूफ शायर अब्दुल बातिन फैजी के नातिया कलाम ने महफिल में समां बांध दिया। इस अवसर पर बाराबंकी से तशरीफ लाये मुफ्ती फैयाज कासमी ने तकरीर करते हुए कम आयु की लड़कियों को टच मोबाइल से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इस के माध्यम से बहुत आसानी से बुराई के गड्ढे में गिर रहे हैं जिससे सचेत रहने की जरूरत है। कार्यक्रम में धार्मिक विद्वान मौलाना अता उर रहमान, मौलाना सऊद कासमी, मशहूर शायर मोजम्मील हयात, ओवैस रजा खां आदि ने भी अपने तकरीर और नात से कार्यक्रम के हुस्न में चार चांद लगाया जिसके कारण देर रात तक लोग कार्यक्रम का लुत्फ उठाते रहे।
 कार्यक्रम के मुख्य आयोजक मौलाना महबूब उर रहमान कासमी, जावेद आलम, अब्दुल बासित, मेहदी हसन, ताज अली, मशीर आलम, अखलद मुखिया आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Facebook Comments
Spread the love
  • 92
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    92
    Shares

Leave a Reply