नीतीश कुमार के 23 फरवरी को दरभंगा आगमन पर होगा विरोध.. नजरे आलम

*नीतीश कुमार गोडसे और सावरकर की गोद में जाकर बैठ गए हैं और बिहार की जनता के पीठ में छुरा घोप रहे हैं- नजरे आलम*

दरभंगा:

सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ दरभंगा लालबाग अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आज 23वें दिन भी मजबूती के साथ जारी है।
सत्याग्रह की अध्यक्षता कर रहे
ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष नजरे आलम ने कहा कि गांधी लोहिया और कर्पूरी के नाम पर सरकार चलाने वाले नीतीश कुमार आज सावरकर और गोडसे की गोद में जाकर बैठ गए हैं, और बिहार के लोगों की पीठ में छुड़ा घोपने का काम कर रहे हैं।

श्री आलम ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी छवि सुधारने के लिए कुछ मुस्लिम क्षेत्रों में छोटी-मोटी योजनाओं का सहारा लेकर खुद को मुसलमानों का हमदर्द बताने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें वे कभी सफल नहीं हो पायेंगे। साथ ही उनके जो मुस्लिम चेले वक्ती राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम का माला जप रहे हैं, उन्हें जनता सबक सिखाने के लिए तैयार है। जनता ऐसे बेजमीरों को अपने बीच कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और हर स्तर पर नीतीश कुमार व उनके चेले का विरोध करेगी।

वहीं श्री नजरे आलम ने नीतीश कुमार के 23 फरवरी के दरभंगा आगमन पर बोलते हुए कहा कि दरभंगा आने से पहले नीतीश कुमार विधानसभा बुलाकर काले कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करें तभी दरभंगा आने का सोचें अन्यथा 23 फरवरी को दरभंगा जिला में विरोध झेलने को तैयार रहें। क्योंकि यह काला कानून नीतीश कुमार के ही समर्थन से पास हुआ है और जनता इस काले कानून के खिलाफ बहुत बड़े पैमाने पर विरोध कर रही है और अब नीतीश जी को सत्ता हाथ से खिसकते देख जनता को गुमराह कर रहे हैं कि बिहार में काला कानून लागू नहीं होगा। नीतीश जी सिर्फ बोलने से काम नहीं चलेगा इसे पहले खारिज करें नहीं तो 23 फरवरी को दरभंगा जिला स्तरीय विरोध झेलने को तैयार रहें।

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