नियोजित शिक्षकों की लड़ाई संयुक्त रणनीति बना कर लडने का पप्पू का आह्वान

वजीह अहमद तसौवुर के कलम से ✍️

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा बिहार के नियोजित शिक्षकों को गहरा झटका देते हुए बिहार सरकार का एस एल पी स्वीकार कर  पटना उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया जिससे शिक्षकों के समान काम का समान वेतन वाली पुरानी मांग को गहरा आघात लगा है। इस मामले में सभी नियोजित शिक्षक संघों ने भी अगली रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में सबसे प्रभावशाली संगठन बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने सभी नियोजित शिक्षक संघों की संयुक्त बैठक बुला कर संयुक्त रणनीति बनाने का संकेत दिया है ताकि सभी संगठन एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में लडाई लड़ सकें। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने एक विज्ञप्ति जारी कर सभी नियोजित शिक्षक संघों के अध्यक्षों एवं सचिवों से संयुक्त रंनीति बनाने हेतु 26 मई को पटना में बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ गोप गुट के प्रदेश कार्यालय पुनाईचक के मीटिंग में शामिल होने का आह्वान किया है। उधर बिहार के आम नियोजित शिक्षकों का भी यही धारणा है कि अगर मजबूती से लडाई लडनी है तो संयुक्त रणनीति बनानी होगी वर्ना अलग अलग लड़ाई लड़ा जायेगा तो परिणाम कुछ अलग होने की ज्यादा उम्मीद नहीं है।

   अब देखना यह है कि बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के द्वारा नियोजित शिक्षकों की लड़ाई मिल जुल कर लडने और अंजाम तक पहुंचाने के आव्हान का अन्य संघों द्वारा कितना समर्थन मिल पाता है।
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