रानीबाग धरना का 60 वां दिन रहा मशहूर कलाकार मोहम्मद नेहाल के नाम

तसौवुर के कलम से ✍️

सिमरीबख्तियारपुर के रानीबाग धरना का आज 60 वां दिन था और आज मशहूर कलाकार मोहम्मद नेहाल के नाम रहा। देर शाम धरना में पहुंचे युवा शायर आसिफ हिंदुस्तानी ने अपनी दो तीन रचना सुना कर शुक्रवार को फिर कार्यक्रम में शामिल होने का वादा किया।

   सीएए एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना के 60 वें दिन मशहूर फनकार मोहम्मद नेहाल शामिल हुए और उन्होंने इस कानून के खिलाफ अपनी दर्जनों गीतों को जो पुरानी फिल्मों और स्व0 मोहम्मद रफी और स्व0 मुकेश की आवाज में गाये गये थे उनके ही धुन पर गा कर न केवल इस कानून के विरूद्ध अपनी आवाज बुलंद की बल्कि लोगों का भरपूर तालियां बटोरी। मोहम्मद नेहाल ने मोहम्मद रफी के गाये सुपरहिट गानों “बहारो फूल बरसाओ….” ” ऐ गुलबदन ऐ गुलबदन…” मुझे इश्क है तुझी से… ” जैसे गानों के साथ स्व0 मुकेश के गाने” सजन रे झूठ मत बोलो…. आदि दर्जनों गीतों पर बनाये अपने गीतों को जिन्हे स्वयं कम्पोज भी किया को सुना कर ऐसा समां बांधा कि धरना में शामिल लोगों के साथ साथ सड़कों पर चल रहे लोगों को भी अपनी ओर खींचते चले गए और देखते ही देखते धरना स्थल भर गया जिसमें महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा थी।
मोहम्मद नेहाल अपने गाने प्रस्तुत करते हुए
उधर देर शाम धरना को समर्थन देने पहुंचे युवा शायर आसिफ हिंदुस्तानी ने अपने दो चार रचना सुनाने के बाद दिन भर के परेशानी भरे सफर का हवाला देते हुए कल शुक्रवार को दो बजे से धरना में शामिल हो कर अपनी रचना सुनाने का वादा किया। आसिफ हिंदुस्तानी ने अपनी रचना को काफी सुरीले आवाज में प्रस्तुत कर खुब वाह वाही बटोरी।
युवा शायर आसिफ हिंदुस्तानी अपनी रचना पेश करते हुए

सैयद हेलाल अशरफ के संचालन और पुनपुन यादव, अबुल फराह शाजली, शाहनवाज बद्र कासमी, चांद बाबू,  शफाउलहक, तहसीन, सैफी आदि की उपस्थिति में फारूक आलम, मो मोकद्दम, शहाबुल आदि ने अपनी अपनी प्रस्तुति के माध्यम से धरना में उपस्थित सैंकड़ों लोगों का भरपुर मनोरंजन किया और अपने अपने अंदाज में जागरूकता पैदा करने का काम किया।

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