स्कूल में बाउंड्री, गेट न खिडक़ी…. बना दिया कोरंटाईन सेंटर

सहरसा,  (संवाददाता)।। कोरंटाइन सेंटर बनाते समय मूलभूत सुविधाओं का  ध्यान रखा जाता है और सुविधा देखकर ही बनाया जाता है न कि केवल नाम देखकर  सेंटर बना दिया जाता है।

चारों तरफ खुला बाउंड्री विहीन विधालय

मगर सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड में सुविधा का शायद ध्यान नहीं रखा गया है क्योंकि अगर मध्य विद्यालय रंगीनियाँ को कोरंटाईन सेंटर बनाया गया है जहां सुविधाओं का घोर अभाव है तो इस बात को बल मिलता है ।

सिमरीबख्तियारपुर नगर पंचायत के वार्ड 14 में स्थित मध्य विद्यालय रंगीनियाँ यूं तो संकूल संसाधन केंद्र भी है मगर इसके पास सुविधाओं और सुरक्षा का घोर अभाव है। विधालय में चार कमरे हैं जो बिना प्लास्टर, बिना गेट खिड़की के है जिसके कारण विधालय का आफिस और मध्याह्न भोजन सामग्री रखने के लिए सीआरसी केंद्र के दो कमरे को उपयोग में लाया जाता है।

उधर पुरानी बिल्डिंग में दो कमरे में से एक कमरा इसी विधालय में संचालित एनपीएस रंगीनियाँ मुसहरी टोला के हवाले है जहां उस विधालय का आफिस के संचिकाओ और मध्याह्न भोजन सामग्री आदि के कारण भरा हुआ है जबकि दूसरा कमरा पूर्व से ही कबाड़ी

ग्रामीण बच्चे खेल धूप करते

से भरा हुआ है और वर्तमान प्रधानाध्यापक के हवाले नहीं किया गया है। इस प्रकार मध्य विद्यालय रंगीनियाँ के पास केवल दो मंजिला चार कमरा है जहां न खिडक़ी में गिरील, न गेट में दरवाजा और न विधालय में बाउंड्री है और सामने राष्ट्रीय राजमार्ग 107 है  इससे इस सेंटर पर प्रवासी मजदूरों को कितनी सुरक्षा और सुविधा मिलेगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है साथ ही कोरंटाईन किये गये लोगों को इधर उधर जाने से कैसे रोका जा सकेगा और रात में सुरक्षा की क्या व्यवस्था रहेगी यह सोचने वाली बात है। इसके अलावा विधालय के बीच से ग्रामीणों का रास्ता है जिससे लोग बराबर आते जाते रहते हैं और बच्चे भी दौड़ धूप करते रहते हैं।

अब प्रखंड या अनुुमंडल के पदाधिकारियों पर निर्भर है कि इस सेंटर को रद्द कर दिया जायेगा या घोर अभाव में ही लोगों को यहां रखा जायेगा।
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